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Showing posts from June, 2016

गोंड जनजाति

गोंड (जनजाति),भारत की एक प्रमुख जनजाति 13 राज्य में फैली है गोंड (जनजाति) - 14 करोड़ (मध्य प्रदेश,महाराष्ट्र,छत्तीसगढ़, तेलंगाना , आंध्र प्रदेश,उड़ीसा , कर्नाटक ,उत्तर प्रदेश ,बिहार , ,ज़ारखंड ,गुजरात, पक्षिम बंगाल , आसाम )..13 राज्य में फैला है गोंड जनजाति समुदाय . गोंड (जनजाति), भारत की एक प्रमुख जनजाति हैं। गोंड भारत के कटि प्रदेश - विंध्यपर्वत, सतपुड़ा पठार, छत्तीसगढ़ मैदान में दक्षिण तथा दक्षिण-पश्चिम - में गोदावरी नदी तक फैले हुए पहाड़ों और जंगलों में रहनेवाली आस्ट्रोलायड नस्ल तथा द्रविड़ परिवार की एक जनजाति, जो संभवत: पाँचवीं-छठी शताब्दी में दक्षिण से गोदावरी के तट को पकड़कर मध्य भारत के पहाड़ों और जंगलों में फैल गई। आज भी मोदियाल गोंड जैसे समूह हैं जो जंगलों में प्राय: नंगे घूमते और अपनी जीविका के लिये शिकार तथा वन्य फल मूल पर निर्भर हैं। गोंडों की जातीय भाषा गोंडी है जो द्रविड़ परिवार की है और तेलुगु, कन्नड़, तमिल आदि से संबन्धित है। परिचय-बूड़ादेव, दुल्लादेव, घनश्यामदेव, बूड़ापेन (सूर्य) और भीवासू गोंडों के मुख्य देवता हैं। इनके अतिरिक्त फसल, शिकार, ...

अनमोल वचन

भगवान के आगे दीपक जलाने का फल तब ज्यादा होता है, जब हम किसी का दिल न जलाये। जय बड़ादेव